उत्तर प्रदेश सरकार

बौद्धिक संपदा अधिकार

बौद्धिक संपदा अधिकार कार्यक्रम

राज्य द्वारा संपत्ति के स्वामी को बौद्धिक संपदा अधिकार एक निश्चित समय के लिए प्रदान किए जाते हैं जिससे वह अपनी नवीन रचना अथवा आविष्कार के प्रयोग को नियंत्रित कर सके, ये राष्ट्र की सामाजिक – आर्थिक समृद्धि के लिए आवश्यक है | ये अधिकार रचनात्मकता एवं आविष्कारशीलता को प्रचारित करने में नवीन ज्ञान के प्रसार अथवा उत्पादों तथा स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देने में बहुत सहायक हैं | आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए सी.एस.टी.यू.पी. बौद्धिक संपदा अधिकारों को निम्नलिखित कार्यक्रमों के माध्यम से प्रचारित एवं प्रसारित करता है :-

1. पेटेंट सूचना केंद्र

  • यह केंद्र बौद्धिक संपदा अधिकार से संबन्धित क्षेत्रीय स्तर की सेवाएँ देने के उद्देश्य से विज्ञान एवं तकनीकी विभाग, भारत सरकार, नई दिल्ली के सहयोग से सी.एस.टी.यू.पी. में स्थापित किया गया है।
  • उद्देश्य :
    • बौद्धिक संपदा अधिकारों के विषय में जागरूकता उत्पन्न करना, विशेषकर पेटेंट्स, पड़ोसी क्षेत्रों में तथा राज्य में बौद्धिक संपदा संस्कृति विकसित करना
    • राज्य में विश्वविद्यालयों, उद्योगों , सरकारी विभागों एव शोध तथा अनुसंधान संस्थानों हेतु कला पूर्व शोध को सक्षम बनाना
    • निरंतर पेटेंट सूचना का विश्लेषण करना तथा इस सूचना के आधार पर नए शोध एवं अनुसंधान कार्यक्रमों का सुझाव देना
    • आविष्कारकों को पेटेंट ,अपनी रचनाओं, डिज़ाइन तथा ट्रेडमार्क की सुरक्षा करने हेतु निर्देशित करना |
    • राज्य के भौगोलिक अभिचिन्हों की सुरक्षा को उत्प्रेरित करना |

2. लघु, मध्यम एवं सूक्ष्म उद्योगों हेतु बौद्धिक संपदा लाभान्वीकरण केंद्र

  • उद्देश्य :
    • उत्तर प्रदेश, पी.आई.सी. में लघु, मध्यम एवं सूक्ष्म उद्योगों हेतु बौद्धिक सम्पदा अधिकार लाभान्वीकरण केंद्र की सह- स्थापना
    • उत्तर प्रदेश में लघु, मध्यम एवं सूक्ष्म उद्योगों के चयनित समूहों की बौद्धिक संपदा संबन्धित आवश्यकताओं को अभिचिन्हित करना
    • चयनित लघु, मध्यम एवं सूक्ष्म उद्योगों में बौद्धिक संपदा संस्कृति का प्रारम्भ करना
    • बौद्धिक संपदा अधिकारों की सुरक्षा हेतु तकनीकी सहयोग को बढ़ावा देना यथा पेटेंट्स, इंडस्ट्री डिज़ाइन, ट्रेडमार्क, कापीराइट एवं भौगोलिक अभिचिन्हीकरण (पेटेंट लाभान्वीकरण केंद्र, टी.आई.एफ.ए.सी., विज्ञान एवं तकनीकी विभाग, भारत सरकार, नई दिल्ली के सहयोग से)
    • चयनित लघु, मध्यम एवं सूक्ष्म उद्योग समूहों के प्रयोग हेतु पेटेंट शोध आधारित रिपोर्ट्स विकसित करना |

विश्वविद्यालयों में 03 बौद्धिक संपदा अधिकार प्रकोष्ठों की स्थापना

  • राज्य के 6 विश्वविद्यालयों में बौद्धिक संपदा अधिकार प्रकोष्ठों की स्थापना की जा चुकी है |
  • उद्देश्य :
    • पेटेंट सूचना केंद्र, सी.एस.टी. (उत्तर प्रदेश) एवं विश्वविद्यालय तथा इसके सम्बद्ध कालेजों के बीच एक कड़ी के रूप में कार्य करना
    • बौद्धिक संपदा अधिकारों के मूलभूत विषयों पर शोधकर्ताओं को निर्देशित करना, विशेषकर उन पेटेंट्स को जो पी.आई.सी. की सहायता से हों, यदि आवश्यक हो |
    • संकाय के सदस्यों को पेटेंट शोध हेतु प्रोत्साहित करना, इन-हाउस और/ अथवा पी.आई.सी. में तथा उनके शोध को और सुदृढ़ करने हेतु |
    • पेटेंट हेतु आवेदन करने पर सक्षम अधिकारी से अंतिमानुमति प्राप्त करने में सहायता प्रदान करना तथा इसे पी.आई.सी., उत्तर प्रदेश के पास बौद्धिक संपदा सुरक्षा हेतु भेजना

कोई भी व्यक्ति/संगठन जो अपनी बौद्धिक संपदा की सुरक्षा में रूचि रखता हो, केंद्र से संपर्क कर सकता है