उत्तर प्रदेश सरकार

तकनीकी हस्तांतरण

राज्य के लिए तकनीकी हस्तांतरण और विकास

इस श्रेणी के अंतर्गत, परियोजना प्रस्ताव यथा अनुसंधान एवं विकास, प्रारंभिक अध्ययन, प्रोटोटाइप विकास, प्रस्तुति, प्रदर्शन एवं विकसित तकनीक के प्रशिक्षण को संपूर्ण रूप से लक्षित किया जाता है जिससे स्वदेशी तकनीक को विकसित किया जा सके एवं  उपयोगकर्ता को उचित तकनीक का हस्तानांतरण किया सके। महत्वपूर्ण क्षेत्रों में ऐसी परियोजनाएं/कार्यक्रम जो राज्य के लिए हितकारी हैं उन्हें उत्तर प्रदेश में स्थापित अभियंत्रिकी महाविद्यालय/संस्थान, प्राविधिक महाविद्यालय एवं आरएण्डडी प्रयोगशालाएं आदि विचारणीय है।

अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी के विभिन्न क्षेत्रों में अनुसंधान एवं विकास परियोजनाओं को सहयाता प्रदान करना

अभियांत्रिकी एवं तकनीक के विभिन्न क्षेत्रों में जैसे सिविल इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग, कंप्यूटर इंजीनियरिंग, मैकेनिकल इंजीनियरिंग, इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, केमिकल टेक्नोलॉजी, प्लास्टिक टेक्नोलॉजी, ऑयल एण्ड पेंट टेक्नोलॉजी, पेपर टेक्नोलॉजी, फूड टेक्नोलॉजी आदि में आर एण्ड डी परियोजनाओं को वित्तीय सहायता प्रदान करी जाएगी। वैकल्पिक ऊर्जा स्त्रोत, ऊर्जा संरक्षण, विकासशील तकनीक विशेष रूप से कम लागत निर्माण सामग्री,  प्रदूषण प्रतिरोधी प्रौद्योगिकी, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, ग्रामीण तकनीक, रोबोटिक्स, कृत्रिम इंटेलीजेंस, हरित ऊर्जा, अक्षय ऊर्जा एवं तकनीकों का संवर्धन जैसे प्रमुख क्षेत्रों में प्रौद्योगिकी प्रवर्तन।

आवश्यक्ता आधारित तकनीक का विकास एवं हस्तांतरण

  • विभिन्न संस्थानों एवं प्रयोगशालाओं में तकनीकि विकास कार्य किया जा रहा है। संस्थानों एवं प्रयोगशालाओं द्वारा सृजित करी जा रही तकनीक आम जन तक नहीं पहुंच रही है। परिषद इन तकनीकि संस्थानों को संपर्क करता है, उपलब्ध तकनीकों को उपभोक्ता या उद्योग को प्रदर्शित करता है। उपभोक्ता की प्रतिक्रिया संस्थान/प्रयोगशाला को वापस दिया जाता है जिससे इन तकनीकों को फील्ड में उपयोगी बनाया जा सके।
  • क्षेत्र की समस्याएं संस्थानों एवं प्रयोगशालाओं को सूचित करी जाएंगी जिससे आवश्यक्ता आधारित तकनीकों/उपकरणों का उनके द्वारा विकास किया जा सके।