उत्तर प्रदेश सरकार

अभिनव संवर्धन

अभिनव संवर्धन

नवोन्मेष एक बहु स्तरीय प्रक्रिया है जिसमें व्यक्ति अपने विचारों को नए उत्पादों या प्रक्रियाओं के लिए परिवर्तित करता है । सभी नवोन्मेष रचनात्मक विचारों से प्रारंभ होते हें ताकि जीवन की आधारभूत आवश्यकताएँ सुलझाई जा सकें । अधिकतर रचनात्मक क्रियाओं एवं विचारों को उनका सही प्रतिफल व प्रोत्साहन नहीं मिल पाता जिसके कारण संबंधित व्यक्तियों में उत्साह का अभाव देखा जाता है । इस तरह समाज एक महत्वपूर्ण, मूल्यवान एवं स्थानीय समस्या के निराकरण व दक्षता से वंचित रह जाता है । इससे समाज में पारंपरिक मूल्य ही चलन में बने रहते हैं । हम अपने छोटे छोटे व्यक्तिगत प्रयासों से एवं विज्ञान तथा तकनीक की सहाता से, मूल्यवान बौद्धिक सम्पदा का सृजन कर सकते हैं, जो कि अंततोगत्वा राज्य के लिये ही हितकारी होगी ।

उद्देश्य

  • आधारभूत नवोन्मेषकों को पहचान कर उनकी प्रतिभा का समुचित सम्मान करना तथा पारंपरिक ज्ञान रखने वाले विशेषज्ञों को सम्मान देना
  • स्वयंसेवकों को बढ़ावा देना जिससे वे नवोन्मेषकों को पहचान कर उनके द्वारा की गई रचनात्मक क्रियाओं को तथा पारंपरिक ज्ञान को राज्य हित में लागू करवा सकें ।
  • नवोन्मेषकों को आपस में जोड़ना , पारंपरिक ज्ञान धारकों को वैज्ञानिक संस्थानों से जोड़ना, तकनीशियनों एवं डिज़ाइनर्स को तकनीकी दक्षता में वृद्धि करना
  • मूलभूत स्तरों पर नवोन्मेषकों को राष्ट्रीय / अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं व प्रदर्शनियों में भागीदारी हेतु निर्देशित व मदद करना
  • समाज में रचनात्मकता एवं नवोन्मेष की संस्कृति को प्रेरित करना

लक्षित समूह

परिषद ज़मीनी स्तर से जुड़े निम्नलिखित नवोन्मेषकों एवं लक्षित समूहों का ध्यान रखती है :-

  • कृषक
  • शिल्पकार
  • कार्मिक
  • मैकेनिक
  • पारंपरिक औषधि कर्मी
  • विद्यार्थी
  • सामान्य जनता जिनके पास स्नातक/व्यावसायिक डिग्रियाँ नहीं है
  • गैर प्रचलित कार्य क्षेत्रों के लोग